लाहौर। पाकिस्तान (Pakistan) ने गुरुवार को भारत की उस मांग को एक बार फिर ठुकरा दिया, जिसमें कहा गया था कि मौत की सजा पाए कुलभूषण जाधव (kulbhushan Jadhav) को भारतीय वकील मिलना चाहिए। कुलभूषण को भारतीय या क्वीन का वकील मिलने से देश में उसे स्वतंत्र और निष्पक्ष मुकदमा लड़ने का अवसर मिल सकेगा। मगर पाक ने इस मांग को खारिज कर दिया। उसका कहना है कि केवल पाक का ही वकील इस केस को लड़ सकता है।
पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जाहिद हफीज चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमने उन्हें बार-बार बताया है कि कोर्ट में कमांडर जाधव का पक्ष केवल वही वकील रख सकते हैं जिनके पास पाकिस्तान में वकालत करने का लाइसेंस है। उन्होंने कहा कि यहां तक की भारतीय उच्चतम न्यायालय ने भी अपने फैसले में कहा है कि देश में कोई विदेशी वकील वकालत नहीं कर सकता।
बीते माह भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने पाक के रवैये को लेकर खुलासा किया था। उनका कहना था कि पाक सरकार अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के फैसले को लेकर गंभीर नहीं है। वह उसके क्रियान्वयन को लेकर नाकाम रही है। श्रीवास्तव के अनुसार पाक सरकार ने अभी तक मुख्य मुद्दों पर बिल्कुल भी काम नहीं किया है। मुख्य मुद्दों में सभी दस्तावेज देना, बिना शर्त कुलभूषण जाधव को राजनयिक सहायता देना और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष सुनवाई के लिए भारतीय या क्वीन के वकील की नियुक्ति शामिल है।
जाधव मामले में पाकिस्तान शुरूआत से ही अपनी मनमानी करता रहा है। भारतीय वकील की मांग को उसने हर बार खारिज किया है। क्वीन का वकील एक ऐसा अधिवक्ता होता है, जिसे लॉर्ड चांसलर की सिफारिश पर ब्रिटिश महारानी के लिए नियुक्त किया जाता है। पाक विदेश मंत्रालय से ये पूछे जाने पर की क्या पाक ने जाधव को उनकी पत्नी ओर पिता से मिलने की इजाजत दी है। इस पर चौधरी का कहना है कि वह ये काम कर सकते हैं, मगर अभी तक भारत की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं आया है।
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