Coronavirus को लेकर बड़ा खुलासा, घर में ही सबसे तेजी से फैल रही है महामारी, नहीं दिखते कोई लक्षण

नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus Update) का कहर पूरी दुनिया में जारी है। हर दिन इस महामारी से मरने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहे हैं। इसे रोकने के लिए अभी तक कोई कारागार दवा या वैक्सीन (Corona Vaccines) नहीं बनी है। पर वैज्ञानिक हर रोज इसे लेकर नए -नए शोध व रिसर्च कर रहे हैं। यह महामारी कैसे फैल रही है, इसे कैसे रोका जा सके, इस पर हर रोज शोध किया जा रहा है। इसी क्रम में एक अध्ययन किया गया है जिसमें सामने आया है कि कोरोना वायरस घर में ही तेजी से फैल रहा है। इसका संक्रमण घर से ही ही फैल रहा है। अध्ययन में बताया गया है कि कोरोना वायरस उन लोगों के बीच आसानी से फैलता है जो एक साथ रहते हैं।

संक्रमण के बाद नहीं दिखते लक्षण

यह अध्ययन द लैंसेट इंफेक्शियस डिजीजेज जर्नल में प्रकाशित हुई है। इसमें बताया गया है कि कोरोना वायरस का वर्तमान रूप सार्स कोव-2 , SARS-CoV-2 पुराने सार्स वायरस के मुकाबले घर के हालातों में दोगुना संक्रमणकारी है, इसकी खास बात यह है कि यह संक्रमण फैलने के बाद ही पीड़ित में इसके लक्षण दिखाई देते हैं। COVID 19 के कारण गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम (SARS) या मध्य पूर्व श्वसन सिंड्रोम (MERS) की तुलना में घरों में अधिक आसानी से फैल सकता है।

शोधकर्ताओं ने इस बात का किया खुलासा

इस अध्ययन को लेकर चीन और अमेरिका के शोधकर्ताओं का कहना है कि '' पड़ताल का संक्रमण कम करने की दिशा में खासा असर हो सकता है। चीन के गुवांगझोऊ शहर में शोधकर्ताओं ने 350 मरीजों और उनके करीब 2000 संपर्कों के आंकड़ों का इस्तेमाल किया। इससे उन्होंने सेकंडरी अटैक रेट, यानी दूसरे हमले की दर का अनुमान लगाया। इस दर से यह पता लगाया जाता है कि संक्रमित मरीज से किसी दूसरे व्यक्ति में यह बीमारी फैलने की कितनी आशंका है।''

39 प्रतिशत लोगों पर आशंका निकाली

शोधकर्ता ने कहा कि परिवार में कई लोग होते हैं और एक ही साथ रहते हैं जिसके चलते संक्रमण फैलने की आशंका काफी ज्यादा होती है। वह भी तब जब यह संक्रमण दिखाई ना दें। खास बात यह है कि शोधकर्ताओं ने यह आशंका 39 प्रतिशत निकाली है। गौरतलब है कि कोरोना वायरस के चलते लोगों को घर पर ही रहने की सलाह दी जा रही है। इसके साथ ही COVID-19 के साथ 349 लोगों के संपर्क ट्रेसिंग और गुआंगज़ौ, चीन में उनके करीबी संपर्कों के 1,964 लोगों के विश्लेषण के आधार पर ये रिपोर्ट तैयार की है। शोधकर्ताओं ने अमेरिका में फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के उन लोगों सहित, यह भी पाया कि 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोग SARS-CoV-2 के साथ घरेलू संक्रमण के लिए अतिसंवेदनशील थे।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2YT1tfU

Post a Comment

Previous Post Next Post