वाशिंगटन। अमरीका (America) अपने व्यापार वरीयता कार्यक्रम 'जनरलाइज्ड सिस्टम आफ प्रीफ्रेंसस' (GSP) के तहत भारत का दर्जा दोबारा बहाल करने की सोच रहा है। ट्रंप प्रशासन के एक शीर्ष अधिकारी यह जानकारी गुरुवार को दी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नई दिल्ली से इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है। हालांकि अभी इसके लिए बातचीत जारी है। अमरीकी व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटहाइजर ने सीनेट फाइनेंस कमेटी के सदस्यों से बताया कि उन्होंने भारत से उनका GSP दर्जा देने के लिए बात की है। यह उनसे मिलने वाले प्रस्ताव पर निर्भर करता है।
ट्रंप प्रशासन के शीर्ष व्यापार अधिकारी के अनुसार अमरीका वर्तमान में भारत के साथ एक बड़ी व्यापार वार्ता में है। उन्होंने कहा कि अमरीका को यकीन के कि भारत किसी अहम नतीजे पर पहुंच जाएगा। वहीं मोंटाना के सीनेटर स्टीव डाइन्स ने भारत द्वारा दालों पर उच्च आयात शुल्क पर चिंता व्यक्त की है, जो दालों का सबसे बड़ा उपभोक्ता है और मोंटाना किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है।
गौरतलब है कि 'जनरलाइज्ड सिस्टम आफ प्रीफ्रेंसस' ( GSP) अमरीका द्वारा अन्य देशों को व्यापार में दी जाने वाली खास छूट की प्रणाली है। यह तरजीह देने की सबसे पुरानी और बड़ी प्रणाली है। 1976 में विकासशील देशों की आर्थिक वृद्धि के लिए इस प्रणाली को शुरू किया गया। इसके तहत कई देशों को अपने सामान पर बिना किया शुल्क के अमरीका को निर्यात करने की छूट दी जाती है। 2017 से भारत को भी इसमें छूट दी गई थी। अभी तक लगभग 129 देशों को करीब 4,800 सामानों के लिए इस प्रणाली से लाभ हुआ है। गौरतलब है कि बीते साल मार्च में अमरीका द्वारा भारत को मिला जीएसपी GSP का दर्जा वापस ले लिया गया था। इससे नई दिल्ली द्वारा अमरीका को निर्यात महंगा हो गया।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2YPoYXh